उर्दू शाइरी में खाना-पीना <br>Volume 3 | Issue 3 [July 2023]

उर्दू शाइरी में खाना-पीना
Volume 3 | Issue 3 [July 2023]

उर्दू साहित्य में शायद ही कोई होगा जिसने खाने पीने पे इतना लिखा हो जितना आगरा में रहने वाले नज़ीर अकबराबादी ने लिखा है। रोटी पे लिखा हुआ उनका लम्बा गीत "रोटिनामा" आज भी पढ़ा और सराहा जाता है। उनकी अन्य रचनाएँ जैसे की "आगरा की ककड़ियाँ "(जहाँ ककड़ियों को लैला की उँगलियों की तुलना दी गयी थी ) , "तरबूज़", "ख़रबूज़े", "संतरे", "नारंगी" और "जलेबियाँ" मौसम के फलों ... — डॉ रख्शंदा जलील
मेरी माँ की ज़बान<br>Volume 3 | Issue 2 [June 2023]

मेरी माँ की ज़बान
Volume 3 | Issue 2 [June 2023]

एक ‘पाक सूत्रधार’ की तरह, मेरी माँ अपनी कला का इस्तेमाल प्रखर सटीकता और कौशल के साथ अडिग सुरुचिपूर्ण तरीके से करती है। इतने बरसों के बाद भी, उसका बेशकीमती नॉरिटाके चाइना सेट, जिसे उसने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदा था, अभी भी ज्यों का त्यों है, ऐसा कि शोरबे के बर्तन पर तुड़क का नाम तक नहीं। इसका विरासती क्रॉकरी की विलासिता या पीढ़ीगत व्यंगोक्ति से कोई लेना-देना नहीं है। बल्कि, यह है एक लड़की और उसके सपनों के परिदृश्य के बारे... — कीर्तना कुमार
मिक्स्ड हंटिंग पार्टी <br>Volume 3 | Issue 1 [May 2023]

मिक्स्ड हंटिंग पार्टी
Volume 3 | Issue 1 [May 2023]

मैं शायद चौथी कक्षा में था; हम मैदान में खेल रहे थे। घंटी बज चुकी थी, पर मैं नहीं हिला था। मैंने आकाश में एक पक्षी को देखा था, न ही वह हिल रहा था; वह स्थिर था – हवा में लटका हुआ। एकाएक वह पत्थर की तरह नीचे की ओर आता हुआ क्षण भर में ही जमीन पर आ गिरा। मैं चौंक पड़ा, मुझे लगा कि वह घायल हो गया है, या शायद मर न गया हो, और मैं उसकी ओर दौड़ा। जैसे ही मैं करीब पहुँचा... — पीयूष सेखसरिया
एक ग्रीक का सफर, भारतीय भोजन के संग <br>Volume 2 | Issue 12 [April 2023]

एक ग्रीक का सफर, भारतीय भोजन के संग
Volume 2 | Issue 12 [April 2023]

कई अनोखे व्यंजनों को मेज़ पर सजाते हुए वह सहसा रुकी और भौहें चढ़ाते हुए बोली, ओह, मुझे खेद है, मैं दही तो भूल ही गयी। कोई बात नहीं, मैंने कहा, यह सोच कि दही इतना ज़रूरी क्यों है? मॉन्ट्रियल में बड़े होते हुए, मैं भारतीय महलाओं को साड़ियों में देख उनसे बहुत प्रभावित होती - केवल वही होती जो ऐसी दिखती जैसे वास्तव में कहीं और से आई हों। लेकिन रोली पहली भारतीय थी जिससे मैं व्यक्तिगत रूप से मिली थी - राजनीति विज्ञान की कक्षा में - जहाँ हमने एक साथ क्रांति ... — जोआन नेज़ी
आओ कुछ खटास की बात करें  <br>वर्ष 2 | अंक 10 [फ़रवरी 2023]

आओ कुछ खटास की बात करें
वर्ष 2 | अंक 10 [फ़रवरी 2023]

यह उन दिनों की बात है जब रॉक एण्ड रोल रिवाइवल बैंड शोवड्डीवड्डी, संगीत के सारे चार्ट्स में अव्वल चल रहा था। मुझे गर्व था कि मेरे पास उस बैंड का अन्डर द मून ऑफ लव, का रिकार्ड था और वह मेरे ज़ेहन में अंदर तक धंसा हुआ था। यह सबकुछ, इस परेशान करने वाली सच्चाई के बावजूद था जब यदा कदा ईंट के टुकड़े हमारे लीड्स स्थित सीक्रॉफ्ट अस्पताल, वाले मामूली से घर की खिड़की के कांच को तोड़ने के लिए फेंके जाते ... — गौतम पेम्माराजू
क्या मैंगलोरियन मटन करी आपकी शादी को बचा सकती है?<br>वर्ष 2 | अंक 9 [जनवरी 2023]

क्या मैंगलोरियन मटन करी आपकी शादी को बचा सकती है?
वर्ष 2 | अंक 9 [जनवरी 2023]

आपकी बीवी आपको धोखा दे रही है; आप महसूस कर सकते हैं। आज रविवार है और वह काम कर रही है। उसने कहा था कि वह दोपहर तक वापस आ जाएगी। जब आप फ्रिज खोलते हैं, तो पाते हैं कि लंच के लिए कुछ भी नहीं है। आपके पास उसके लिए कुछ खास बनाने का अवसर है। आपकी बीवी आजकल काम में इतनी मसरूफ है कि नींद में भी बड़बड़ाती रहती ... — मिशेल डीकोस्टा
महिलाएं, खाना, और पकाना <br>Volume 2 | Issue 8 [December 2022]

महिलाएं, खाना, और पकाना
Volume 2 | Issue 8 [December 2022]

दशकों पहले, मुझे विरागो ने भोजन पर लिखे जा रहे एक संकलन में योगदान करने के लिए आमंत्रित किया। योगदानकर्ता सभी महिलाएं थीं जिन में वर्जीनिया वूल्फ, डोरिस लेसिंग, मार्गरेट एटवुड, मार्गरेट ड्रेबल, जर्मेन ग्रीर और ऐसी कई चुनिंदा लेखिकाएं शामिल थीं। जब पुस्तक मेरे पास ... — शशि देशपांडे
डागर रसोई: रस और रस्म <br>Volume 2 | Issue 7 [November 2022]

डागर रसोई: रस और रस्म
Volume 2 | Issue 7 [November 2022]

हर घर की एक कहानी होती है और कहानी में होती है एक रसोई, जिस से अक्सर आती है एक आवाज़, 'आह क्या बात है'! भोजन और संगीत के बीच क्या संबंध हो सकता है? किसी पंडित या उस्ताद को यह कहते हुए सुनना कोई आश्चर्य की बात नहीं कि 'वह संगीत कैसे बजाएगा, जिसे ठीक से खाना भी नहीं आता।' उनका अर्थ यह कि ... — बहाउद्दीन डागर
पुष्टकारी, सेल रोटी और नेपाली डायस्पोरा का मीठा सफर<br>Volume 2 | Issue 5 [September 2022]

पुष्टकारी, सेल रोटी और नेपाली डायस्पोरा का मीठा सफर
Volume 2 | Issue 5 [September 2022]

मेरी माँ असम से है. उन्हें 'बिगौती' से खासा प्रेम है, एक व्यंजन जो नवजात बछड़े के जन्म के तुरंत बाद भैंस और गाय के अतिरिक्त दूध से बनाया जाता है. खाने में यह छेना के तरह है, एक प्रकार का पनीर जो भारतीय उपमहाद्वीप से आता है, जिसका उपयोग मशहूर बंगाली मिठाई रसगुल्ला बनाने में किया जाता है. बिगौती मीठी होती है, लेकिन माँ इसमें थोड़ी-सी अधिक शक्कर मिलाना पसंद करती हैं ताकि... — Anshu Chhetri
Amit Kumar-The Milkman <br>Volume 2 | Issue 4 [August 2022]

Amit Kumar-The Milkman
Volume 2 | Issue 4 [August 2022]

In an attempt to trace the milkman from his neighborhood, the narrator looks at the changing social landscape of his village and comes across - cars tied to pegs, benefits of double-toned milk and the discovery that the milk that his village has been drinking, causes acne... — Amit Kumar
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